बंगाली राखी बंधन के शुरूआत के बारे में कई किंवदंतियाँ और सिद्धांत हैं:
• भाई-बहन के प्यार का प्रतीक: बहुत से लोग मानते हैं कि राखी बंधन भाई-बहन के बीच के प्यार और सुरक्षा का प्रतीक है। बहनें अपने भाई के हाथ में राखी बांधकर उसकी रक्षा करने का वादा करती हैं।
• रामायण से जुड़ा: कुछ लोग मानते हैं कि राखी बंधन की परंपरा रामायण से आई है। रामायण में, माता सीता ने अपने भाई लक्ष्मण की सुरक्षा के लिए उनके हाथ पर राखी बांधी थी।
• हिंदू धर्म ग्रंथों में वर्णन: कुछ हिंदू धर्मग्रंथों में भी राखी बंधन का वर्णन मिलता है। ये ग्रंथ इसे भाई-बहन के बीच पवित्र बंधन का प्रतीक बताते हैं।
• संस्कृति और समाज: बंगाली संस्कृति में राखी बंधन का बहुत महत्व है। यह भाई-बहन के बीच एक मजबूत बंधन का प्रतीक है जो पीढ़ियों से चला आ रहा है।
समय के साथ, राखी बंधन का अर्थ बदल गया है। आज यह केवल भाई-बहन के बीच ही नहीं, बल्कि दोस्तों, रिश्तेदारों और अन्य लोगों के बीच भी एक विशेष बंधन के रूप में मनाया जाता है।
जो भी कारण हो, बंगाली राखी बंधन आज भी एक महत्वपूर्ण परंपरा है जो भाई-बहन के बीच के प्यार, सुरक्षा और सम्मान का प्रतीक है।
• भाई-बहन के प्यार का प्रतीक: बहुत से लोग मानते हैं कि राखी बंधन भाई-बहन के बीच के प्यार और सुरक्षा का प्रतीक है। बहनें अपने भाई के हाथ में राखी बांधकर उसकी रक्षा करने का वादा करती हैं।
• रामायण से जुड़ा: कुछ लोग मानते हैं कि राखी बंधन की परंपरा रामायण से आई है। रामायण में, माता सीता ने अपने भाई लक्ष्मण की सुरक्षा के लिए उनके हाथ पर राखी बांधी थी।
• हिंदू धर्म ग्रंथों में वर्णन: कुछ हिंदू धर्मग्रंथों में भी राखी बंधन का वर्णन मिलता है। ये ग्रंथ इसे भाई-बहन के बीच पवित्र बंधन का प्रतीक बताते हैं।
• संस्कृति और समाज: बंगाली संस्कृति में राखी बंधन का बहुत महत्व है। यह भाई-बहन के बीच एक मजबूत बंधन का प्रतीक है जो पीढ़ियों से चला आ रहा है।
समय के साथ, राखी बंधन का अर्थ बदल गया है। आज यह केवल भाई-बहन के बीच ही नहीं, बल्कि दोस्तों, रिश्तेदारों और अन्य लोगों के बीच भी एक विशेष बंधन के रूप में मनाया जाता है।
जो भी कारण हो, बंगाली राखी बंधन आज भी एक महत्वपूर्ण परंपरा है जो भाई-बहन के बीच के प्यार, सुरक्षा और सम्मान का प्रतीक है।
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